पीड़िता के परिवार ने हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बिना उनकी सहमति के ही बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन ने अदालत में न्याय की गुहार लगाते हुए यह भी कहा कि पुलिस ने किसका अंतिम संस्कार किया, यह भी नहीं पता। परिवार देर रात लखनऊ से वापस घर लौट आया है।
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