देशमुख ने कहा कि भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले की राज्य की पुलिस कर रही थी, परंतु अचानक ही केंद्र सरकार ने एनआईए से जांच कराने का निर्णय लिया। इस पर मैंने बतौर गृहमंत्री आपत्ति जताई थी। मेरा मानना है कि कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने पहले राज्य सरकार को विश्वास में लेना चाहिए था, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी।
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