क्रूड ऑयल के ग्लोबल प्राइसेज में 9 डॉलर प्रति बैरल की बड़ी कमी होने से देश में फ्यूल प्राइसेज जल्द नीचे आ सकते हैं। इससे यह अटकल लग रही है कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ऑयल प्राइसेज में क्या वैसी ही कमी आएगी, जो उनके पहले कार्यकाल के आरंभ में दिखी थी।
from The Navbharattimes http://bit.ly/2XnvHWA
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