नार्वे में एक मछुआरे ने एक वेल मछली देखी। वेल के गले में रूस का बना एक पट्टा बंधा हुआ था और ऐसा लग रहा था कि उसमें कैमरा लगा हुआ है। इससे रूसी नौसेना पर वेल को जासूसी के लिए इस्तेमाल करने का शक पैदा हुआ। वैसे अगर यह सही है तो ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले कई सैन्य अभियानों में जासूस के तौर पर या फिर किसी और काम के लिए जानवरों का इस्तेमाल हो चुका है।
from The Navbharattimes http://bit.ly/2VfosTq
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