2014 के लोकसभा चुनाव में मायावती की सीटें भले ही जीरो आई हों, लेकिन इस बार महागठबंधन के सहारे उनकी नजर ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने पर है। मायावती महागठबंधन की रैलियों से लेकर इन रैलियों का प्रोटोकॉल भी खुद ही तय कर रही हैं। ऐसा ही कुछ देवबंद रैली में हुआ, जहां उनके साथ बैठने के लिए अजित सिंह को जूते उतारने पड़े।
from The Navbharattimes http://bit.ly/2USk7EF
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