देश के विभिन्न वित्तीय संस्थानों में 70,000 करोड़ रुपये का कोई दावेदार ही नहीं है। इस रकम का बड़ा हिस्सा छोटे निवेशकों के हैं जिनके पैसे अलग-अलग कारणों से यूं ही पड़े हैं। इनका कोई दावेदार नहीं है।
from The Navbharattimes http://bit.ly/2vjQJJk
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