चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में गुप्तचर एजेंसी रॉ के प्रमुख ने बताया कि करगिल युद्ध होने से पहले सीमा पर असामान्य गतिविधियों की जानकारी गृह मंत्रालय को समय से पूर्व दी जा चुकी थी। वार्ता में हिस्सा लेने वाले सेना और खुफिया एजेंसियों के भूतपूर्व अधिकारियों का कहना था खुफिया सूचनाओं को अधिक समय तक लटकाए नहीं रखा जा सकता, उन पर तुरंत सूझबूझ भरी कार्रवाई होनी चाहिए।
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