एक अधिकारी ने कहा, 'कई ऐसे आइटम्स के भी रेट में कटौती कर दी गई, जो कि जीएसटी काउंसिल के अजेंडे में ही नहीं थीं।' हर बार रेट घटाने के किसी भी फैसले को पहले फिटमेंट कमिटी मंजूर करती थी। इस कमिटी में राज्य सरकारों और वित्त मंत्रालय के भी कई शीर्ष अधिकारी शामिल होते थे।
from The Navbharattimes https://ift.tt/2uX7c5o
from The Navbharattimes https://ift.tt/2uX7c5o
Comments
Post a Comment