अफगान से जख्म ले लौटे सिख परिवार, सुनाई खौफनाक दास्तां

'वह एक भयानक सपने जैसा था, मैंने वहां अक्सर बम फटते देखे थे, लेकिन मैं भी उनमें से किसी एक का शिकार बन जाऊंगा ऐसा सोचा नहीं था।' यह बात नरेंद्र सिंह खालसा ने कही, जो अफगानिस्तान के जलालाबाद में 1 जुलाई को हुए बम धमाकों से बचकर निकले हैं। उस दिन सिख-हिंदू कम्युनिटी का काफिला अफगानिस्तान में राष्ट्रपति से मिलने जा रहा था, जिसे आतंकियों ने शिकार बनाया।

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