आईपीसी की धारा 377 का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। उच्चतम न्यायालय ने इसके प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने पहली बार इस मामले पर आधिकारिक तौर पर अपना रुख साफ किया है। केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि समलैंगिक संबंध बनाना किसी की निजी सोच या पसंद हो सकता है।
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