पीएनबी अधिकारियों के चार सदस्यीय जांच दल ने पाया कि घोटाले का मुख्य आरोपी गोकुल शेट्टी नियमों को ताक पर रखकर शाखा चलाने का आरोप लगने के बावजूद रेडार से बाहर ही रहा। शेट्टी को कानूनी रूप से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का ही लोन पास करने का अधिकार था, हालांकि उसे असीमित अधिकार के इस्तेमाल की अवैध 'अनुमति' मिली हुई थी।
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